अगर हम किसी काम को करते हैं और उस काम को अंजाम तक पहुंचा देते हैं तो हमें उस काम से बहुत फायदा मिलता है।

एक बार की बात है जब किसी राज्य में एक प्रतापी राजा का हुकूमत चलता था तब उस समय उसके दरबार में कोई दूसरे देश का विदेशी आगंतुक आता है।

वह राजा को उपहार देने के लिए एक बहुत सुंदर पत्थर लाता है। उस पत्थर को देखकर राजा बहुत खुश होता है।

राजा को वह पत्थर बहुत अच्छा लगा इसीलिए वह उस पत्थर से भगवान विष्णु की प्रतिमा बनवाना चाहते है। उसने एक मंत्री को बुलाया और उस पत्थर को भगवान विष्णु की मूर्ति बनाने के लिए भेज दिया।

मंत्री उस पत्थर को लेकर एक मूर्तिकार के पास चला जाता है मूर्तिकार को पत्थर देते हुए कहता है कि “तुम्हें इस पत्थर को भगवान विष्णु का रूप देना है। 

इस काम के लिए मूर्तिकार 50 स्वर्ण मुद्राएं मिलेंगी।  मूर्तिकार लगभग 50 बार उस पत्थर पर वार कर चुका था लेकिन पत्थर नहीं टूटा।

क्या मुर्तिकार ने भगवान विष्णु की मुर्ति बना पाई या नही जानने के लिए